बिमार हुए…..

बे-वजह इन झुकी नजरों के हम शिकार हुए।
तेरे ल’बों की सुर्ख़ी पर, मेरे लब़ नि-सार हुए।

कई झरफ़ दरिया बे-ख़ौफ़ हमने पार किया,
मगर तेरी आँखों में न डूबे, और ना पार हुए।

किसी किनारे पर लाकर बख़्श दो मेरी जान,
तेरी रवानी में जिस्म-ए-जर्रा-जर्रा बिमार हुए।

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दिल जीतने को…..

दिल जीतने को एक दिल भी हारा था मैं,
तुमको याद तो है ना कभी तुम्हारा था मैं!

तेरे नूर से घर के चराग़ रोशन हुआ करते,
तेरी समंदर सी आँखों का किनारा था मैं!

तुम बेक़रार होकर मेरी राह देखते थे जाँ,
तुम मेरे हमदर्द थे और तेरा सहारा था मैं!

ये वादा रहा……

चल दिए मिरे दो कदम मायूस होकर
तेरी गलियों में न लौटुंगा ये वादा रहा,

सहने की एक हद है, अब बेहद हुआ,
अब नहीं सहुंगा सि’तम ये वादा रहा!

हक़ जताना भी यहाँ इक गुनाह है न,
जा छोड़ दिया जताना, ये वादा रहा!

तुम्हें देखकर जीना मेरी भूल थी जाँ,
तेरे बगैर मर न जाऊंगा ये वादा रहा!

ख़्वाब दिखाए तूने, मैं भी खूब देखा,
अब़ असल में जियूंगा, ये वादा रहा!

तुम अजनबी हो, मैं भी अजनबी हूँ,
तुमको नहीं पहचानुंगा ये वादा रहा!

ग़म बेशक है, तुमसे जुदा हो रहा हूँ,
मुस्कुराके जुदा होऊंगा ये वादा रहा!

आँसू रूख़सार को नम करने आएंगे,
आँखें बंद करके रोऊंगा ये वादा रहा!

लगा लीजिए…..

तुम पर्दा-नशीं क्युं हो, अज़ी पर्दा हटा भी दीजिए,
बड़े बे-क़रार हैं हम, आज रुख़ दिखा भी दीजिये!

कहीं तुमको डर तो नहीं, मैं तुम्हें नजर लगा दुंगा,
ग़र यही बात है तो, मेरी जान काजल लगा लीजिए!

पार-ए-हद करे….

मशवरा देने को बहोत हैं मगर,
कोई ऐसा भी है क्या जो मदद करे?

आजमाईशें जारी है अकेले ही,
कोई ऐसा है जो साथ जद्दोजहद करे?

मदद-गार नहीं बन सकते तो,
फिजूल की सलाह अपने पास ही रखो,

नज़रें उस शख़्स को ढूढ़ रही,
जो मिरे इक हुक़्म पे पार-ए-हद करे!

सियासत क्या करोगे….

ग़र झूठ बोलना आता नहीं, तो सियासत क्या करोगे?
ख़ुशा-मदी तुम्हें मंजूर नहीं, तो सियासत क्या करोगे?

बहोत ही गिरना पड़ता है, वोटों के लिए सियासत में,
तुम जुमले नहीं पढ़ा सकते, तो सियासत क्या करोगे?

आदर्शों को ताख़ पर रख-कर, फ़रेब भी लाज़िमी है,
तुम ज़मीर नहीं बेच सकते, तो सियासत क्या करोगे?

छोटे व्यापारियों पे निगरानी, पूँजीपतियों पे मेहरबानी,
यूँ ओछी हरकतें नहीं करोगे, तो सियासत क्या करोगे?

कोई पाक-साफ़ नहीं, सभी के दा’मन पर दाग़ है जी,
अगर तुम बे-दाग ही रह गये, तो सियासत क्या करोगे?